शाम के करीब सात बज रहे थे। दलपतपुर की गलियों में हल्की ठंडक घुलने लगी थी। लाइब्रेरी के ठीक बगल वाली साइकिल रिपेयरिंग की दुकान पर अंकित अपने पापा के साथ बैठा एक टायर का पंचर जोड़ रहा था। उसके हाथ ग्रीस से काले हो चुके थे, लेकिन उसकी नज़रें घुटनों पर खुली कॉपी पर गड़ी थीं।
कॉपी में लाल पेन से भरा एक मॉक टेस्ट (Mock Test) पेपर था। हिस्ट्री के आधे से ज़्यादा सवाल गलत थे। “लो कर लो बात! 1857 की क्रांति में गलती से 1947 लिख दिया मैंने…” वह सिर पकड़कर खुद से बुदबुदाया।
पापा ने पंचर से नज़र उठाए बिना कहा, “यही तो दिक्कत है बेटा। पूरा दिन दुकान पर बैठेगा तो दिमाग में पढ़ाई कैसे घुसेगी?” अंकित चुप रहा। वह 12वीं में है, और साथ ही UP Police Constable की तैयारी भी कर रहा है। लेकिन History की तारीखें (Dates) उसके दिमाग में हमेशा जलेबी की तरह उलझ जाती हैं — कौन सी घटना पहले हुई, कौन सी बाद में, सब गड्डमड्ड।

आशीष कुमार एक एजुकेशन-टेक्नोलॉजी रिसर्चर और राइटर हैं। 15 साल के टीचिंग बैकग्राउंड के साथ, छात्रों और शिक्षकों को यह सिखाते हैं कि AI tools का सही उपयोग करके पढ़ाई को आसान और प्रभावी कैसे बनाया जाए। वे FutureReadyStars.com के संस्थापक भी हैं, जहाँ वे एजुकेशन में AI के सुरक्षित और एथिकल इस्तेमाल पर रिसर्च-आधारित आर्टिकल्स लिखते हैं।