पिछले आर्टिकल में हमने देखा था कि AI Maths के सवालों को स्टेप-बाय-स्टेप हल करना सिखाने में कैसे मदद करता है — कि कैसे यह सीधा जवाब देने की बजाय, बच्चे को खुद सोचने पर मजबूर कर सकता है। उस आर्टिकल के आने के बाद मेरी लाइब्रेरी में एक बच्चे ने मुझसे जो सवाल पूछा- AI से Science कैसे पढ़ें? उसी ने आज के इस आर्टिकल की नींव रखी।
नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले विवेक की कहानी हमारे देश के लाखों छात्रों की सच्चाई है। विवेक स्कूल के बाद अपने पिता की साइकिल-मरम्मत की दुकान पर हाथ बँटाता है। वह पढ़ने में तो अच्छा है, लेकिन विज्ञान—खासकर फिजिक्स के न्यूमेरिकल और केमिस्ट्री के समीकरण—उसके लिए एक ‘दुःस्वप्न’ (nightmare) की तरह हैं। प्रयोगशालाओं की कमी और किताबी रटंत प्रणाली के कारण उसे विज्ञान केवल रटने वाला विषय लगता है। आजकल विवेक जैसे कई छात्र AI (जैसे ChatGPT या Gemini) का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन एक बड़ी गलती कर रहे हैं—वे सीधे उत्तर (Answers) पूछते हैं। इससे होमवर्क तो पूरा हो जाता है, लेकिन दिमाग की सोचने की शक्ति खत्म होने लगती है। एक एआई शिक्षा विशेषज्ञ के तौर पर मैं आपको बताऊंगा कि कैसे एआई का सही इस्तेमाल रटने की आदत को खत्म कर विज्ञान को समझने का ‘नज़रिया’ बदल सकता है।

आशीष कुमार एक एजुकेशन-टेक्नोलॉजी रिसर्चर और राइटर हैं। 15 साल के टीचिंग बैकग्राउंड के साथ, छात्रों और शिक्षकों को यह सिखाते हैं कि AI tools का सही उपयोग करके पढ़ाई को आसान और प्रभावी कैसे बनाया जाए। वे FutureReadyStars.com के संस्थापक भी हैं, जहाँ वे एजुकेशन में AI के सुरक्षित और एथिकल इस्तेमाल पर रिसर्च-आधारित आर्टिकल्स लिखते हैं।