आजकल मैं अपने स्टूडेंट्स को अक्सर एक ही गलती करते हुए देखता हूँ—उनके लैपटॉप या फोन में एक तरफ ChatGPT खुला होता है और दूसरी तरफ Gemini।
वो पहले अपना कोई मुश्किल सवाल ChatGPT में टाइप करते हैं और उसका जवाब पढ़ते हैं। फिर तसल्ली के लिए वही सवाल कॉपी करके Gemini में डालते हैं। इसके बाद दोनों के आंसर्स को लाइन-बाय-लाइन कंपेयर करते हैं और जो थोड़ा ज़्यादा सही या आसान लगता है, उसे अपनी कॉपी में उतार लेते हैं।
शायद आप भी यही करते होंगे और आपको लगता होगा कि यह ‘स्मार्ट स्टडी’ है। लेकिन एक टीचर होने के नाते मैं आपको बता दूँ—असल में आप अपना सबसे कीमती हथियार बर्बाद कर रहे हैं, और वो है आपका समय।
पिछले कुछ समय से इन AI टूल्स को गहराई से टेस्ट करने के बाद मैंने एक बात बिल्कुल साफ समझी है: हर AI टूल हर काम के लिए नहीं बना है।
जिस तरह आप कील ठोकने के लिए पेचकस (Screwdriver) का इस्तेमाल नहीं करते, वैसे ही पढ़ाई के हर काम के लिए एक ही AI टूल काम नहीं आ सकता। हर टूल की अपनी एक अलग ताकत (Strength) है और अपनी कुछ कमज़ोरियां (Weaknesses) हैं। कोई टूल मैथ्स के उलझे हुए लॉजिक समझाने में उस्ताद है, तो कोई 50 पेज के पीडीएफ से झटपट नोट्स निकालने में। इनके अलावा भी इंटरनेट पर कई ऐसे खास टूल्स हैं जो सिर्फ किसी एक ही काम के लिए बनाए गए हैं।
अगर एक स्टूडेंट के तौर पर आपको यह पता चल जाए कि ‘किस काम के लिए कौन सा टूल बेस्ट है‘, तो आपका घंटों का टाइम बचेगा।
तो चलिए, आज एक टीचर के नज़रिए से इस कन्फ्यूज़न को हमेशा के लिए खत्म करते हैं। आइए जानते हैं कि आपके होमवर्क, मैथ्स और एग्जाम की तैयारी के लिए आपको कब ChatGPT को प्रायोरिटी देनी चाहिए और कब Gemini का दरवाज़ा खटखटाना चाहिए।
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आशीष कुमार एक एजुकेशन-टेक्नोलॉजी रिसर्चर और राइटर हैं। 15 साल के टीचिंग बैकग्राउंड के साथ, छात्रों और शिक्षकों को यह सिखाते हैं कि AI tools का सही उपयोग करके पढ़ाई को आसान और प्रभावी कैसे बनाया जाए। वे FutureReadyStars.com के संस्थापक भी हैं, जहाँ वे एजुकेशन में AI के सुरक्षित और एथिकल इस्तेमाल पर रिसर्च-आधारित आर्टिकल्स लिखते हैं।